प्रदूषण हमारी हवा, पानी और धरती को गंदा कर रहा है। इससे हमारा भविष्य खतरे में है। अगर हम आज नहीं सुधरे, तो आने वाला कल बहुत खतरनाक होगा। प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या है जो बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है और इसको रोकने के प्रयास अलग-अलग एनजीओ (NGO) और समाजसेवियों के द्वारा किए जाते हैं, चाहे वह पौधरोपण अभियान (पेड़ लगाओ अभियान) हो या कोई अन्य योजना हो। आइए समझें कि प्रदूषण कितने प्रकार का होता है: वायु प्रदूषण (Air Pollution) वायु प्रदूषण में हवा में जहरीली गैसें, चाहे वह कारखानों का धुआं हो या पेट्रोल-डीजल का धुआं, हमारे वातावरण में मिल जाती हैं और वायु प्रदूषण हो जाता है। हवा में इस जहर को हम सांस के जरिए अंदर लेते हैं और कुछ समय बाद हमको फेफड़ों (Lungs) में परेशानी हो सकती है। जल प्रदूषण (Water Pollution) जब इंसानों द्वारा पानी में गंदा कचरा या अपशिष्ट डाला जाता है, तो इसको जल प्रदूषण कहा जाता है। पानी में प्रदूषण चाहे फैक्ट्रियों का गंदा कचरा हो या नदियों में कपड़े धोना, पानी इंसान के लिए बहुत जरूरी है। आम तौर पर पशु या इंसान, सबको पानी चाहिए तभी वे जीवन...
प्रदूषण हमारी हवा, पानी और धरती को गंदा कर रहा है। इससे हमारा भविष्य खतरे में है। अगर हम आज नहीं सुधरे, तो आने वाला कल बहुत खतरनाक होगा।
प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या है जो बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है और इसको रोकने के प्रयास अलग-अलग एनजीओ (NGO) और समाजसेवियों के द्वारा किए जाते हैं, चाहे वह पौधरोपण अभियान (पेड़ लगाओ अभियान) हो या कोई अन्य योजना हो। आइए समझें कि प्रदूषण कितने प्रकार का होता है:
वायु प्रदूषण (Air Pollution)
वायु प्रदूषण में हवा में जहरीली गैसें, चाहे वह कारखानों का धुआं हो या पेट्रोल-डीजल का धुआं, हमारे वातावरण में मिल जाती हैं और वायु प्रदूषण हो जाता है। हवा में इस जहर को हम सांस के जरिए अंदर लेते हैं और कुछ समय बाद हमको फेफड़ों (Lungs) में परेशानी हो सकती है।
जल प्रदूषण (Water Pollution)
जब इंसानों द्वारा पानी में गंदा कचरा या अपशिष्ट डाला जाता है, तो इसको जल प्रदूषण कहा जाता है। पानी में प्रदूषण चाहे फैक्ट्रियों का गंदा कचरा हो या नदियों में कपड़े धोना, पानी इंसान के लिए बहुत जरूरी है। आम तौर पर पशु या इंसान, सबको पानी चाहिए तभी वे जीवन जी सकते हैं।
मृदा प्रदूषण (Soil Pollution)
जब किसान अपने खेतों में जहरीले उर्वरक (Fertilizers) का इस्तेमाल करता है, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता बढ़े और पैदावार ज्यादा हो सके, तो इस लालच में वह मृदा प्रदूषण कर देता है। इससे बहुत बड़ा नुकसान इंसान का हो रहा है, क्योंकि इंसान वही केमिकल खा रहा है, चाहे वह मिट्टी के जरिए पानी तक पहुंचकर या फिर मिट्टी में पैदा हुई सब्जियां हमारी थाली तक पहुंचकर हमें नुकसान पहुंचाती हैं।